मधुमेह या डायबिटीज (SUGAR) की समस्याएँ

मधुमेह या डायबिटीज (SUGAR) की समस्याएँ:-

मधुमेह (SUGAR) जिसे डायबिटीज भी कहा जाता है, एक ऐसी चिकित्सा स्थिति है जिसमें रक्त में शर्करा (गुलुकोज) का स्तर सामान्य से अधिक होता है। सही जानकारी और जागरूकता के माध्यम से मधुमेह का प्रबंधन और जीवनशैली में बदलाव करने से आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर सकते हैं। आइए इसके विभिन्न पहलुओं पर गहराई से बात करते हैं।

शूगर (SUGAR) के कारण:-

अनुवांशिकी :- यदि परिवार में मधुमेह का इतिहास है तो जोखिम बढ़ जाता है।

मोटापा:- अधिक वजन होने से मधुमेह का जोखिम काफी बढ़ जाता है।

उम्र:- 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोग अधिक संवेदनशील होते हैं।

परिस्थितियाँ:- उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, और हार्मोनल विकार जैसे पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) भी मधुमेह के खतरे को बढ़ाते हैं।

मधुमेह (SUGAR) के प्रकार

  1. टाइप 1 मधुमेह:-

– यह आमतौर पर शरीर के इम्यून सिस्टम द्वारा पैंक्रियास की बीटा कोशिकाओं को नष्ट करने के परिणामस्वरूप होता है जो इंसुलिन का उत्पादन करती हैं। यह अक्सर अचानक शुरू होता है और लक्षण तेजी से बढ़ते हैं। जैसे: भारी प्यास, तेजी से वजन कम होना और गहरे केटोएसिडोसिस के संकेत (जैसे: सांसों से फलों जैसी गंध)।

  1. टाइप 2 मधुमेह:-

यह जीवनशैली से संबंधित आदतों, जैसे संतुलित आहार की कमी, शारीरिक गतिविधि की कमी, और अधिक वजन के परिणामस्वरूप विकसित होता है। इसके लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और अक्सर व्यक्ति को पता नहीं चलता है। इनमें थकान, अधिक प्यास, और घाव ठीक न होना शामिल हैं।

  1. गर्भावस्था मधुमेह (Gestational Diabetes):-

– यह गर्भवती महिलाओं में होता है और अक्सर बच्चे के जन्म के बाद ठीक हो जाता है, लेकिन इससे भविष्य में टाइप 2 मधुमेह का जोखिम बढ़ सकता है।

मधुमेह (SUGAR) का निदान

मधुमेह का निदान विभिन्न परीक्षणों के माध्यम से किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:-

  1. फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज (FPG):-

– इसमें व्यक्ति को रातभर उपवास करने के बाद रक्त में शर्करा का स्तर मापा जाता है। 126 मिलीग्राम/डिसिलिटर (mg/dL) या उससे अधिक स्तर को मधुमेह माना जाता है।

  1. ओरल ग्लूकोज टेस्ट (OGTT):-

– व्यक्ति को ग्लूकोज की एक निश्चित मात्रा दी जाती है, और फिर 2 घंटे बाद रक्त कणिका का स्तर मापा जाता है। 200 mg/dL या उससे अधिक स्तर मधुमेह का संकेत देता है।

  1. 1सी (A1C) टेस्ट:-

– यह टेस्ट पिछले 2-3 महीनों में रक्त शर्करा के औसत स्तर को मापता है।

6.5% या उससे अधिक का स्तर मधुमेह  (SUGAR) का संकेत देता है।

मधुमेह की जटिलताएँ

अगर मधुमेह (SUGAR) का सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया जाता है तो इससे निम्नलिखित जटिलताएँ हो सकती हैं:

  1. हृदय रोग:- मधुमेह हृदय रोग के विकास के जोखिम को बढ़ा सकता है।
  2. धमनी तंग होना:-इसमें रक्त की धमनियों में विस्तार की कमी होती है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है।

3.आखों की समस्याएँ:- मधुमेह रेटिनोपैथी (दृष्टि हानि) और मोतियाबिंद का कारण बन सकता है।

  1. गुर्दे की समस्याएँ:- मधुमेह किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।

5.घावों का धीमा उपचार:- सूजन और घाव धीमी गति से ठीक होते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

मधुमेह की जटिलताओं का प्रबंधन

  1. हृदय स्वास्थ्य:-उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल का नियमित निरीक्षण करें। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखें।
  2. नेत्र स्वास्थ्य:- नियमित रूप से आंखों की जांच कराएँ। रेटिनोपैथी और मोतियाबिंद के लिए स्क्रीनिंग करें। यदि दृष्टि हानि के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
  3. गुर्दे की स्वास्थ्य सुरक्षा:-गुर्दे के स्वास्थ्य की जांच के लिए नियमित रूप से क्रियेटिनिन और अल्ब्यूमिन परीक्षण कराएँ। पर्याप्त जलयोजन और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन सुनिश्चित करें।
  4.  पैरों की देखभाल:- प्रतिदिन अपने पैरों की जांच करें ताकि कोई घाव या संक्रमण जल्दी से पहचाना जा सके। सुनिश्चित करें कि आप अच्छी फिटिंग वाले जूते पहनते हैं।

मधुमेह (SUGAR) का उपचार

संतुलित आहार:-फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, और प्रोटीन के सही संतुलन के साथ आहार लें। शर्करा, तला हुआ और मास बंद पदार्थों का सेवन सीमित करें। कार्बोहाइड्रेट का सेवन सीमित करना, विशेषकर सरल शर्करा। साबुत अनाज, फल, और सब्जियों में फाइबर का उच्च स्तर शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। नियमित अंतराल पर छोटे भोजन करने से रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने में मदद मिलती है।

व्यायाम:- नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि (जैसे चलना, दौड़ना, या योगा) करना। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मध्यम व्यायाम की सिफारिश की जाती है। शक्ति प्रशिक्षण भी करें ताकि मांसपेशियों को मजबूत किया जा सके और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाई जा सके।

तनाव प्रबंधन:- तनाव को प्रबंधित करना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि तनाव से रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है। ध्यान, योग, और प्राणायाम इस संबंध में सहायक हो सकते हैं।

रक्त शर्करा की निगरानी:- नियमित रूप से अपने रक्त शर्करा के स्तर की जांच करना आवश्यक है।

जागरूकता और शिक्षा:- स्वयं को शिक्षित करें ।  मधुमेह के बारे में ज्ञान प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। इससे आप बेहतर निर्णय ले सकेंगे। अपने अनुभवों को साझा करने के लिए अन्य मधुमेह रोगियों के साथ जुड़ें। यह मानसिक सहारा प्रदान कर सकता है।

प्राथमिकता चिकित्सा:- डॉक्टर के संपर्क में रहें । नियमित रूप से डॉक्टर से चेकअप कराना और सलाह लेना ज़रूरी है। डाइटिशियन या मधुमेह शिक्षा प्रशिक्षक से संपर्क करें ताकि आपको उचित आहार और जीवनशैली की सलाह मिल सके।दवा का सही समय और मात्रा में सेवन करना महत्वपूर्ण है।

टाइप 1 मधुमेह के लिए  इंसुलिन की आवश्यकता होती है। विभिन्न प्रकार के इंसुलिन होते हैं जैसेकि:-

– तेज-कार्य करने वाला इंसुलिन (जैसे: बेच, लिस्प्रो)

– मध्यम-कार्य करने वाला इंसुलिन (जैसे: नर्म)

टाइप 2 मधुमेह के लिए कुछ सामान्य दवाइयाँ जो डॉक्टर द्वारा दी जाती हैं जैसे

मेटफॉर्मिन: यह शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है।

सल्फोनिल्यूरिया: यह पैंक्रियास को अधिक इंसुलिन बनाने के लिए उत्तेजित करता है।

नवीनतम शोध और तकनीकें

  1. इंसुलिन पंप:-यह उपकरण रक्त शर्करा के स्तर को निरंतर बनाए रखने के लिए समय-समय पर इंसुलिन का प्रवाह प्रदान करता है। यह मधुमेह के प्रबंधन में अधिक सटीकता और सुविधा प्रदान करता है।
  2. सीडीसीजी (Continuous Glucose Monitoring – CGM):- सीजीएम उपकरण रक्त शर्करा स्तर का निरंतर ट्रैकिंग प्रदान करते हैं। यह उपकरण रीयल-टाइम डेटा देता है, जिससे उपयोगकर्ता अपने स्तर को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर सकते हैं।
  1. Artificial Pancreas):-यह एक नई तकनीक है जो इंसुलिन और ग्लूकागन के स्तर को स्वचालित रूप से नियंत्रित करती है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर स्थिर रहता है।

निष्कर्ष:-

मधुमेह (SUGAR) एक गंभीर स्थिति है, लेकिन उचित समझ, नियमित चेक-अप, आदर्श आहार, और स्वस्थ जीवनशैली के साथ, रोगी सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि मधुमेह के हर पहलू को ध्यान में रखा जाए, जिसमें शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक स्वास्थ्य शामिल हैं।  यदि आपको मधुमेह के लक्षण प्रतीत होते हैं, तो चिकित्सक से संपर्क करना महत्वपूर्ण है

Leave a Comment